मानसून में घर और वाहन को नुकसान होने पर कैसे मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम?
क्या है खबर?
देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह घरों में पानी भर गया, जबकि सड़कों पर खड़ी और चलती गाड़ियां भी बाढ़ के पानी में फंस गईं। ऐसे हालात में लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, सही इंश्योरेंस पॉलिसी होने पर घर और वाहन को हुए नुकसान की भरपाई का दावा किया जा सकता है।
#1
घर का इंश्योरेंस कैसे करता है मदद?
अगर किसी घर को बाढ़ या दूसरी प्राकृतिक आपदा से नुकसान होता है, तो होम इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत इसकी भरपाई मिल सकती है। केवल मकान ही नहीं, बल्कि फर्नीचर, बिजली के उपकरण, कपड़े, गहने और दूसरी कीमती चीजों को भी इस इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल कराया जा सकता है। इसके लिए यह जरूरी है कि पॉलिसी पहले से सक्रिय हो और उसमें संबंधित जोखिमों का कवरेज भी मौजूद हो।
#2
क्लेम करते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर घर में पानी भर जाए या सामान खराब हो जाए, तो सबसे पहले नुकसान की फोटो और वीडियो सुरक्षित रखें। इसके बाद जल्द से जल्द बीमा कंपनी को इसकी जानकारी दें। घर में मौजूद कीमती सामान की सूची, खरीद के बिल और पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज पहले से संभालकर रखना भी फायदेमंद रहता है। इससे क्लेम प्रक्रिया आसान होती है और मुआवजा मिलने में भी कम समय लगता है।
#3
वाहन का इंश्योरेंस भी आ सकता है काम
बाढ़ के दौरान अगर कार या बाइक पानी में फंसकर खराब हो जाए, तो कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस के तहत नुकसान का दावा किया जा सकता है। अगर इंजन में पानी घुसने से नुकसान होता है, तो इंजन प्रोटेक्शन कवर होने पर अतिरिक्त सुरक्षा भी मिल सकती है। वहीं, अगर वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाए या बह जाए, तो पॉलिसी की शर्तों के अनुसार मुआवजा मिलने की संभावना रहती है।
#4
पानी में फंसी गाड़ी के साथ न करें यह गलती
अगर वाहन बाढ़ के पानी में डूब जाए, तो उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से इंजन को और ज्यादा नुकसान हो सकता है। वाहन को सुरक्षित स्थान या अधिकृत गैराज तक पहुंचाकर तुरंत बीमा कंपनी को सूचना देना बेहतर रहता है। समय पर जानकारी देने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने से क्लेम की प्रक्रिया तेज होती है और आर्थिक नुकसान कम किया जा सकता है।