क्रेडिट फ्रीज कैसे रोकता है लोन धोखाधड़ी? जानिए यह कैसे करता है काम
क्या है खबर?
लोन लेना जितना आसान हुआ है, ठगी करना भी उतना ही आसान है। अगर, किसी के हाथ आपका पैन कार्ड, जन्मतिथि या अन्य जानकारी लग जाए तो वह चुपचाप आपके नाम पर लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। इसका पता बैंक का मैसेज आने या क्रेडिट स्कोर गिरने पर पता चलता है। ऐसी ठगी से बचने के लिए क्रेडिट फ्रीज का तरीका अपना सकते हैं। आइये जानते हैं यह धोखाधड़ी रोकने में कैसे सहायक है।
क्रेडिट फ्रीज
क्या होता है क्रेडिट फ्रीज?
क्रेडिट फ्रीज का मतलब है कि आप अपने क्रेडिट रिपोर्ट को अस्थायी रूप से लॉक कर देते हैं। जब तक यह लॉक रहती है तो बैंक या कोई भी लोन देने वाली संस्था आपकी क्रेडिट रिपोर्ट नहीं देख सकती। नए लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन से पहले बैंक क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं। इसके फ्रीज होने पर किसी के लिए भी आपके नाम पर लोन लेना या क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो जाता है।
सुरक्षा
इस तरह से रुकेगी ठगी
कोई आपके नाम से पर्सनल लोन के लिए आवेदन करता है तो बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट निकालने के लिए ट्रांसयूनियन सिविल, एक्सपीरियन, इक्विफैक्स या CRIF हाई मार्क जैसी क्रेडिट ब्यूरो से जानकारी मांगेती है। अगर, आपकी रिपोर्ट फ्रीज है तो बैंक उसे एक्सेस नहीं कर पाएगा। ज्यादातर मामलों में आवेदन वहीं रुक जाएगा। एक छोटा-सा कदम आपको बड़ी आर्थिक परेशानी से बचा सकता है। इसका मौजूदा लोन या क्रेडिट कार्ड और क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता।
तरीका
ऐसे कर सकते हैं क्रेडिट फ्रीज
आप अपने क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइट पर लॉग-इन करके लॉक या फ्रीज करने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। कुछ ब्यूरो इसके लिए मामूली शुल्क ले सकते हैं। अगर, आपको बाद में लोन या क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता होती है तो आप अस्थायी रूप से फ्रीज हटा सकते हैं। इसके बाद ऋणदाता अपनी रिपोर्ट की जांच करने दे सकते हैं और फिर उसे दोबारा लॉक कर सकते हैं।