HCL टेक फिजिकल AI से ला रही उद्योगों के कामकाज में बड़ा बदलाव
HCL टेक फिजिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पेश करके उद्योगों के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव ला रहा है। फिजिकल AI का मतलब है रोबोट्स और स्मार्ट मशीनें, जो AI से चलती हैं।
क्ंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुकांत आचार्य इसे एक सच्चा 'पैराडाइम शिफ्ट' बताते हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है, बल्कि फिजिकल AI, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम जैसे फिजिकल सिस्टम से जोड़ता है।
इसकी मदद से ये सिस्टम अपने आस-पास की चीजों से सीख पाते हैं और अपने काम खुद-ब-खुद निपटा सकते हैं।
पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है यह
HCL टेक प्रक्रियाओं को टेस्ट करने और उनमें सुधार लाने के लिए डिजिटल ट्विन्स का इस्तेमाल करता है। साथ ही, कामों को ऑटोमैटिक बनाने के लिए रोबोट्स और तुरंत फैसले लेने के लिए एज टेक जैसी तकनीकों का भी उपयोग किया जाता है।
हालांकि, यह तकनीक जितनी दमदार दिख रही है, उतनी ही इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे कि शुरुआती लागत का ज्यादा होना और कर्मचारियों को नए कौशल सीखने की जरूरत पड़ना।
आचार्य यह भी मानते हैं कि फिजिकल AI ऊर्जा की खपत और कचरा कम करके पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसे में यह सिर्फ काम की दक्षता बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टिकाऊपन को भी बढ़ावा देता है।