महज 15 डॉलर खर्च कर हैकर्स ने बाइनेंस से उड़ाए 2.5 अरब डॉलर
क्या है खबर?
क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस पर साइबर हमला करने के लिए हैकर्स ने एक बिल्कुल नई तकनीक का इस्तेमाल किया था। इस तकनीक का उपयोग करते हुए हैकर्स ने केवल 15 डॉलर खर्च करके अरबों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चुरा ली। इस हमले में इथेरियम के EIP-7702 फीचर का सहारा लिया गया। यह सुविधा मूल रूप से क्रिप्टो वॉलेट से लेनदेन आसान बनाने के लिए तैयार की गई थी, लेकिन हमलावरों ने इसी का गलत फायदा उठाया।
चोरी
एक ही लेनदेन में चुराए 2.5 अरब डॉलर
साइबर सुरक्षा कंपनी ब्लॉकएड के अनुसार, हैकर्स ने पहले इस फीचर के जरिए किसी अकाउंट की ओर से लेनदेन करने की अनुमति हासिल की थी।
इसके बाद उन्होंने एक ही लेनदेन में करीब 2.5 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी निकाल ली। बाइनेंस ने बताया कि यह हमला कई चरणों में चलाया गया था।
इसमें लोगों को झांसा देने, उनके उपकरणों तक पहुंच बनाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया।
निशाना
बाइनेंस के हॉट वॉलेट को बनाया निशाना
इस हमले में हैकर्स ने बाइनेंस 14 नाम के हॉट वॉलेट को निशाना बनाया था।
एक्सचेंज इस वॉलेट का इस्तेमाल ग्राहकों की निकासी पूरी करने के लिए करता है। इसमें बड़ी मात्रा में ईथर, स्टेबलकॉइन और दूसरे डिजिटल टोकन रखे जाते हैं।
29 अक्टूबर को रात में हमलावरों ने एक वैध डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए निर्देश भेजे। इसके करीब साढ़े 3 मिनट बाद उन्होंने मिली अनुमति का इस्तेमाल कर रकम निकाल ली।
सुरक्षा कदम
चोरी के बाद बाइनेंस ने उठाए सुरक्षा कदम
ब्लॉकएड के मुताबिक, हैकर्स ने इसी तरीके से कुल 3.6 अरब डॉलर के डिजिटल टोकन चुराए। इसमें 1.6 अरब डॉलर के टीथर USDT और 1.67 लाख ईथर शामिल थे।
बाइनेंस ने निकासी रोकने और संबंधित वॉलेट सेवा बंद करने की कोशिश की, लेकिन हैकर्स की अनुमति कुछ समय तक सक्रिय रही।
बाद में कंपनी ने प्रभावित अनुमतियां रद्द कीं, वॉलेट व्यवस्था दोबारा तैयार की और लेनदेन की निगरानी के साथ सुरक्षा नियमों को भी सख्त किया।