भारत में सेवा क्षेत्र की वृद्धि 4 साल में सबसे सुस्त
भारत के सेवा क्षेत्र ने पिछले 4 साल में सबसे धीमी वृद्धि दर्ज की है। HSBC इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) जुलाई में गिरकर 53.3 पर आ गया, जो जून के 57.4 से कम है।
इससे पता चलता है कि देश की अर्थव्यवस्था अभी भी आगे बढ़ रही है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी हो गई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि नए बिजनेस ऑर्डर में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई, जो लगभग 4.5 साल में सबसे कमजोर रही।
निजी क्षेत्र में स्थिर रहे कर्मचारी
अंतरराष्ट्रीय मांग थोड़ी कम हुई, लेकिन कुल नए बिजनेस की तुलना में निर्यात ऑर्डर ज्यादा तेजी से बढ़े। नौकरियों के मोर्चे पर कंपनियों ने लगातार 7वें महीने कुछ नई नौकरियां तो दीं, लेकिन ज्यादातर ने अपने कर्मचारियों की संख्या को स्थिर ही रखा।
कंपनियों के लिए लागत में बढ़ोतरी की रफ्तार जनवरी के बाद सबसे कम रही, लेकिन ग्राहकों पर इसका बोझ बढ़ा क्योंकि बिक्री कीमतें 3 महीने में सबसे तेजी से बढ़ीं।
व्यापक कंपोजिट PMI (मैन्युफैक्चरिंग भी शामिल) भी मार्च 2022 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया, जो दर्शाता है कि निजी क्षेत्र की गतिविधियां कुल मिलाकर धीमी पड़ रही हैं।