सरकार जल्द गठित करेगी बैंकिंग संबंधी उच्च स्तरीय समिति- निर्मला सीतारमण
क्या है खबर?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करने की घोषणा की है, जो वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बड़े ऋणदाताओं को विकसित करने के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी। प्रस्तावित समिति बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने और ऋण तक पहुंच बढ़ाने के उपायों की सिफारिश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सब आर्थिक विकास को समर्थन देने के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है।
उद्देश्य
क्या करेगी यह समिति?
PTI को दिए एक साक्षात्कार में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हम चाहते हैं कि समिति बताए कि हमें किस तरह के कदम उठाने होंगे, ताकि विकसित भारत के फाइनेंस के लिए बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।" समिति के गठन की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह जल्दी किया जाएगा। उनसे पूछा गया कि क्या इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय का संकेत मिलता है तो कहा कि ऐसा काम सीमित नहीं करेगी।
घोषणा
बजट में की गई थी घोषणा
सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट भाषण में भी उच्च स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा था, जो इस क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करे और वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण की रक्षा करे।" उन्होंने कहा था कि भारत के बैंकिंग क्षेत्र को इतना बड़ा बनाना होगा कि वह विकसित भारत के फाइनेंस का भार संभाल सके। केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि विकसित भारत के लिए धन, फाइनेंस, लोन और बैंकिंग सुविधाओं की बेहतर पहुंच की आवश्यकता है।