सरकार लाखों फर्जी निवेशक दावों पर AI से कसेगी शिकंजा
सरकार करीब 2.9 लाख ऐसे फर्जी निवेशक रिफंड दावों की पहचान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने जा रही है।
इन दावों में लावारिस शेयर, लाभांश (डिविडेंड) के पैसे और परिपक्व हो चुके जमा (डिपॉजिट) शामिल हैं।
अभी तक इन दावों की जांच इंसानों द्वारा मैनुअल तरीके से की जाती है और इस पर अंतिम फैसला भी इंसान ही करते हैं।
NeGD 12 AI टूल्स तैनात करेगा
नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) 12 अलग-अलग AI टूल्स को तैनात करने वाला है, जिससे असली और नकली दावों की पहचान की जा सकेगी।
इन सिस्टम को 28 तरह के धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इनमें फर्जी पहचान पत्र से लेकर नकली मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे मामले शामिल हैं। ये टूल दावों की सच्चाई जानने के लिए उन्हें सरकारी रिकॉर्ड्स से मिलाएंगे।
अगर, कोई व्यक्ति एक ही संपर्क जानकारी का इस्तेमाल कई दावों में करता है तो AI सिस्टम उसे तुरंत जांच के लिए फ्लैग कर देगा।
इस पूरे सेटअप को तैयार होने में 4 महीने लगेंगे। धोखाधड़ी को रोकने के लिए अगले 3 सालों तक इसे लगातार समर्थन दिया जाएगा।