पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना वाली खबरों को सरकार ने बताया गलत
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे टकराव के कारण कच्चे तेल का सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है। इस बीच कई खबरों में दावा किया गया है कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। अब इन खबरों को लेकर सरकार की तरफ से साफ बयान सामने आया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है और कहा है कि ऐसी कोई योजना फिलहाल नहीं है, ये खबरें भ्रामक हैं।
स्पष्टीकरण
मंत्रालय ने जारी किया स्पष्टीकरण
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय ने इन खबरों को 'फर्जी' और 'गुमराह करने वाला' बताया है। इसके साथ ही कहा कि इस तरह की अफवाहें लोगों में डर फैलाने के लिए फैलाई जाती हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
FAKE NEWS
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 23, 2026
There are some news reports suggesting a price hike of petrol and diesel. It is hereby clarified that there is no such proposal under consideration by the Government.
Such news items are designed to create fear and panic amongst the citizens and are mischievous and… pic.twitter.com/yTAfJdah2o
रिपोर्ट
रिपोर्ट में बढ़ोतरी की चेतावनी
इन खबरों की वजह कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट बताई जा रही है, जिसमें कहा गया था कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण पेट्रोल और डीजल 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कीमतें स्थिर रहने से सरकारी रिफाइनरी कंपनियों पर हर महीने करीब 270 अरब रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिससे उनके खर्च और दबाव लगातार बढ़ रहे हैं।
असर
आगे क्या हो सकता है असर?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पहले एक्साइज ड्यूटी में कटौती और विंडफॉल टैक्स जैसे कदमों से थोड़ी राहत मिली, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। हालांकि, सरकार का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद लोगों को राहत देने के लिए कदम उठा रही है। फिलहाल चुनावों के चलते कीमतों में बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।