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सरकार की 26 हवाई अड्‌डों का निजीकरण करने की योजना, जानिए क्या है इसका मकसद
सरकार 26 हवाई अड्‌डों का परिचालन निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है

सरकार की 26 हवाई अड्‌डों का निजीकरण करने की योजना, जानिए क्या है इसका मकसद

Feb 24, 2026
12:28 pm

क्या है खबर?

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) 2.0 के तहत 26 सरकार ने हवाई अड्डों के संचालन को निजी कंपनियों को पट्टे पर देने और 5 से जुड़ी संस्थाओं में हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य नागरिक उड्डयन क्षेत्र में धन जुटाना और दक्षता में सुधार लाना है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की योजना हवाई अड्डों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) से विकसित करने की है। इसके तहत संचालन, प्रबंधन और विस्तार का अधिकार कंपनियाें के पास होगा, जबकि स्वामित्व सरकार का रहेगा।

प्रस्ताव 

क्या है सरकार का प्रस्ताव?

प्रस्ताव के तहत, सरकार ने वित्त वर्ष 2026-2030 के बीच नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए कुल 27,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें संचालन, प्रबंधन और विकास समझौते (OMDA) मॉडल के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) हवाई अड्डों को पट्टे पर देने से 14,950 करोड़ रुपये और एक सहायक कंपनी और 4 संयुक्त उद्यम हवाई अड्डों में हिस्सेदारी बेचने से 12,550 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इस प्रस्ताव में चिन्हित हवाई अड्डों को 3 समूहों में बांटा जाएगा।

OMDA

क्या है OMDA मॉडल? 

इस प्रस्ताव के तहत सरकार शुरुआत में 11 हवाई अड्‌डों के समूह से 5 साल की अवधि के लिए बोली मांगेगी। OMDA मॉडल को पहली बार 2006 में दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर लागू किया था। इसके तहत निजी ऑपरेटर प्रत्येक हवाई अड्डे के लिए अग्रिम शुल्क का भुगतान करते हैं। साथ ही प्रति यात्री शुल्क के माध्यम से AAI के साथ राजस्व साझा करते हैं, जिससे सरकार के लिए तत्काल और दीर्घकालिक दोनों प्रकार की आय मिलती है।

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