सरकार स्मार्टफोन के टेंपर्ड ग्लास के आयात पर लगा सकती है प्रतिबंध- रिपोर्ट
क्या है खबर?
सरकार जल्द स्मार्टफोन के टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के आयात पर सख्ती कर सकती है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए सरकार ने कंपनियों और दूसरे पक्षों के साथ चर्चा की है। योजना है कि स्क्रीन प्रोटेक्टर को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के अनिवार्य पंजीकरण आदेश (CRO) ढांचे में लाया जाए। इसके बाद बिना तय गुणवत्ता प्रमाणपत्र वाले उत्पाद भारत में नहीं बेचे जा सकेंगे। इस कदम का मकसद खराब गुणवत्ता वाले विदेशी सामान पर रोक लगाना है।
नियम
BIS और CRO नियमों का करना होगा पालन
योजना के मुताबिक, स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने या आयात करने वाली कंपनियों को BIS के गुणवत्ता नियमों का पालन करना होगा। CRO नियम लागू होने के बाद बिना प्रमाणपत्र वाले उत्पाद भारत में बनाने, बेचने या आयात करने की अनुमति नहीं होगी। नए मानकों में मजबूती, पारदर्शिता, टिकाऊपन और झटके सहने की क्षमता की जांच की जा सकती है। भारत में हर साल करीब 55 करोड़ स्क्रीन प्रोटेक्टर इस्तेमाल होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या विदेशों से आने वाले उत्पादों की है।
फायदा
घरेलू कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा
BIS और CRO नियम लागू होने से भारतीय कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। अभी बाजार में सस्ते और कम गुणवत्ता वाले विदेशी उत्पादों का दबदबा है। नए नियमों के बाद केवल तय मानकों वाले उत्पाद ही बिक पाएंगे। सरकार लंबे समय से देश में निर्माण बढ़ाने और आयात कम करने पर जोर दे रही है। इससे भारतीय कंपनियों को बराबरी का मौका मिलेगा और देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से जुड़ा बड़ा कारोबार भी तेजी से बढ़ सकता है।
उत्पाद
ग्राहकों को मिल सकते हैं बेहतर उत्पाद
नए गुणवत्ता नियम से ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ स्क्रीन प्रोटेक्टर मिल सकेंगे। अभी बाजार में कई ऐसे उत्पाद बिक रहे हैं जिनकी गुणवत्ता की ठीक से जांच नहीं होती। BIS प्रमाणपत्र लागू होने के बाद कंपनियों को तय मानकों का पालन करना पड़ेगा। कई भारतीय कंपनियां पहले ही इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत स्क्रीन प्रोटेक्टर निर्माण और उससे जुड़े कारोबार का बड़ा केंद्र बन सकता है।