गूगल की भारत के डिजिटल बिल का विरोध करने की तैयारी
भारत के प्रस्तावित डिजिटल कॉम्पिटिशन बिल से गूगल खुश नहीं है। कंपनी ने अब इस बिल का विरोध करने का मन बना लिया है। इस बिल के तहत गूगल को 6 खास सेक्टर्स में 'सिस्टमैटिकली सिग्निफिकेंट डिजिटल एंटरप्राइज' माना जा सकता है।
इसका मतलब है कि गूगल अपनी सेवाएं कैसे एक साथ देता है और डाटा का इस्तेमाल कैसे करता है? इस पर अब और सख्त नियम लागू होंगे।
अगस्त और सितंबर में हुई बैठकों के दौरान दिग्गज टेक ने अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। अब कंपनी सरकार को औपचारिक तौर पर कुछ बदलाव सुझाने की तैयारी कर रही है।
बिल का गूगल पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
यह बिल भारत सरकार का एक कदम है, जिससे वह बड़ी टेक कंपनियों पर नकेल कसना चाहती है और गलत प्रतिस्पर्धा को रोकना चाहती है।
मेटा या अमेजन के मुकाबले गूगल कई ज्यादा श्रेणियों में काम करती है, इसलिए इस बिल से उस पर सबसे बड़ा असर पड़ सकता है। इसमें ज्यादा कागजी काम और कंपनी की सेवाओं के एक साथ काम करने के तरीकों पर नए प्रतिबंध भी शामिल हो सकते हैं।