गोल्डमैन सैक्स की AI पर बहुत ज्यादा निर्भरता से सोचने-समझने की क्षमता खो देने की चेतावनी
गोल्डमैन सैक्स के पार्टनर क्रिस चर्चमैन वित्त क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने के खतरे के बारे में चेतावनी दे रहे हैं।
हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि AI मॉडल्स को समस्या सुलझाने और तर्क करने का काम सौंपने से संज्ञानात्मक क्षमता का क्षय हो सकता है।
इसका सीधा मतलब है कि हम खुद से चीजों को समझने और सोचने की अपनी क्षमता खो सकते हैं। उन्हें चिंता है कि अगर, भविष्य के दिग्गज AI पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गए तो उन्हें असल दुनिया की चुनौतियों का सामना करने में दिक्कत आ सकती है।
बड़े फैसलों में इंसानों की भागीदारी बरकरार
चर्चमैन ने बताया कि रोजमर्रा के कामों को ऑटोमैटिक करने से जूनियर कर्मचारियों को सीधे अनुभव हासिल करने का मौका नहीं मिलेगा। यह ठीक वैसे ही है जैसे आजकल के नेविगेशन टूल हमारी रोजमर्रा की दिशा पहचानने और चीजें याद रखने की क्षमता को कम कर रहे हैं।
इससे शुरुआती स्तर की नौकरियां कम हो सकती हैं और अगली पीढ़ी के लिए जरूरी कौशल सीखना मुश्किल हो सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए गोल्डमैन सैक्स सावधानी भरा रवैया अपना रहा है।
बड़े फैसलों में इंसानों की भागीदारी बनाए रखी जा रही है और यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि AI केवल मदद करे, न कि हमारी अहम सोच-विचार की क्षमता की जगह ले।