कच्चे तेल के बढ़ते दामों के बीच सोने में आई गिरावट, चांदी में आई तेजी
सोमवार (20 जुलाई) को सोने की कीमत 4,010 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.24 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के नीचे आ गई। हाजिर और वायदा दोनों ही सोना फिसलकर नीचे चले गए।
अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और महंगाई की चिंताएं और गहरी हो गई हैं। हालांकि, पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से सुरक्षित निवेश के तौर पर इसकी मांग बनी हुई है, लेकिन यह भी इसे बहुत सहारा नहीं दे पा रहा है।
दूसरी ओर, चांदी ने पिछले सप्ताह की गिरावट से उबरते हुए जोरदार वापसी की। इसमें करीब 0.7 फीसदी का उछाल आया और यह 56.72 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम) पर पहुंच गई।
इस कारण महंगा हुआ कच्चा तेल महंगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने क्रूड ऑयल की कीमतों को 90 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इसी वजह से निवेशक सोने से दूरी बना रहे हैं क्योंकि इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
चांदी की वापसी में ऐसे निवेशकों का अहम रोल रहा, जो पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद सस्ते में खरीदारी के मौके ढूंढ रहे थे।
सोने-चांदी में जारी रहेगा उतार-चढ़ाव
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि सभी नए आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाओं पर नजर रखे हुए हैं। अगर आप इन धातुओं पर नजर बनाए हुए हैं, तो जल्द ही आपको कीमतों में कई बार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।