सोने में 3.4 फीसदी की गिरावट, फिर भी निवेशक मेहरबान
पिछले 6 सप्ताह में सोने की कीमतों में इस सप्ताह 3.4 फीसदी की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल के बढ़ते दाम हैं, जिससे महंगाई की चिंता और भी बढ़ गई है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की संभावना के चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों 1.5 फीसदी तक फिसल गए। हालांकि, रुपये की कमजोरी ने इस गिरावट को कुछ हद तक थामने का काम किया।
गोल्ड ETF में 3,443 करोड़ रुपये का निवेश आया
कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट के बाद भी सोने की मांग बढ़ी है। जुलाई में कुमारी फाइन ज्वेलरी जैसे बड़े शोरूम में ग्राहकों की दिलचस्पी करीब 25 फीसदी तक बढ़ गई है।
गोल्ड ETF से पिछले महीने मई में भले ही पैसे की निकासी हुई थी, लेकिन जून में इसमें 3,443 करोड़ रुपये का निवेश आया।
ऐसा इसलिए है क्योंकि जब बाजार में उथल-पुथल मची होती है तो निवेशक सोने को एक सुरक्षित विकल्प मानते हैं। दूसरी तरफ, चांदी को तो और भी बड़ा झटका लगा। इसमें दुनियाभर में करीब 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई क्योंकि निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया।