वैश्विक स्तर पर सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 24 फीसदी लुढ़का, 2016 के बाद सबसे बड़ी गिरावट
सोने की कीमतों में बुधवार (24 जून) को बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। यह अपने रिकॉर्ड 5,417 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के स्तर से 24 फीसदी तक गिरकर करीब 4,085 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पर पहुंच गया। इस तिमाही में सोने में 12 फीसदी की भारी गिरावट आई है। यह 2016 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है।
इसकी मुख्य वजह दुनियाभर में तकनीकी शेयरों में हुई भारी बिकवाली और इस बात की उम्मीद कि अमेरिका अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त करेगा। इन कारणों से डॉलर मजबूत हुआ और सोने का आकर्षण कम हो गया।
फेड के संकेतों से सोना और चांदी पर बढ़ा दबाव
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (फेड) के ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों से डॉलर में मजबूती आई। इससे अमेरिका के बाहर के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो गया।
साथ ही, जब तकनीकी शेयरों में गिरावट आई तो निवेशकों ने नकदी जुटाने के लिए अपना सोना बेचना शुरू कर दिया। चांदी पर भी इस गिरावट का असर साफ दिख रहा है। इस तिमाही में यह भी सोने के साथ 17.6 फीसदी तक नीचे आ गई है।
वैसे तो वैश्विक तनाव के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में जारी वैश्विक तनाव भी इसकी कीमतों को सहारा नहीं दे पाए। अब सबकी नजरें अमेरिका के आने वाले महंगाई आंकड़ों पर हैं, जिससे आगे के रुझानों का पता चल सकेगा।