अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खबर से सोना-चांदी की कीमतों में 2.5 प्रतिशत तक उछाल
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए समझौता होने की जानकारी दी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ गईं। निवेशकों ने इस खबर पर तेजी से प्रतिक्रिया दी, जिससे सोना और चांदी दोनों की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े सोने और चांदी के दाम
पिछले 24 घंटों के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.65 प्रतिशत बढ़कर 4,351 डॉलर प्रति औंस (लगभग 1.32 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में 4.18 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज हुई और यह 70.81 डॉलर प्रति औंस (लगभग 2.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम) से ऊपर पहुंच गई। वैश्विक बाजारों में निवेशकों की गतिविधियों और बदलते आर्थिक माहौल का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
भारतीय बाजार
भारतीय बाजार में भी दिखा तेजी का असर
अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारतीय वायदा बाजार में भी देखने को मिला है। MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 1.8 प्रतिशत बढ़कर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2.56 प्रतिशत बढ़कर 2.52 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई। कारोबारियों का मानना है कि वैश्विक घटनाओं का असर घरेलू बाजार पर भी लगातार पड़ रहा है।
डॉलर
कमजोर डॉलर और तेल की गिरती कीमतों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों को कमजोर अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से समर्थन मिल रहा है। वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आज तेज गिरावट आई है। इससे महंगाई को लेकर चिंता कम हो सकती है। ऐसे माहौल में निवेशक सोने और चांदी को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
बैठक
फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी बाजार की नजर
बाजार की नजर अब अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर है। निवेशकों को उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन भविष्य की नीति को लेकर दिए जाने वाले संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे। जानकारों का मानना है कि फेड के फैसले, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक हालात आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।