वैश्विक सरकारी कर्ज तोड़ रहा रिकॉर्ड, IMF ने दी खर्च घटाने की हिदायत
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) दुनियाभर की सरकारों से कह रहा है कि वे अपने खर्च में कटौती और कर्ज कम करना शुरू करें। इसकी वजह यह है कि वैश्विक सरकारी कर्ज अब सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 100 फीसदी तक पहुंचने वाला है, जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे ज्यादा स्तर होगा।
IMF का कहना है कि जैसे-जैसे कर्ज लेना महंगा होता जा रहा है। अगर, देशों ने अपने बजट को सुधारने में बहुत ज्यादा देर की तो वे भविष्य में आने वाले संकटों का सामना ठीक से नहीं कर पाएंगे।
कर्ज लेने की लागत बढ़ने की उम्मीद
IMF के राजकोषीय मामलों के विभाग के निदेशक रोड्रिगो वाल्देस ने इस बात पर जोर दिया कि कई देश अभी भी अपना खर्च बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि कम आय वाले देशों में तो टैक्स से मिलने वाले राजस्व का 15 फीसदी से ज्यादा हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में ही चला जाता है।
उसका अनुमान है कि कर्ज लेने की लागत लगातार बढ़ती रहेगी। इससे बहुत ज्यादा कर्जा लेने वाले देशों के लिए अपने वित्त को व्यवस्थित करना और भी मुश्किल हो जाएगा।