गैरी मार्कस ने OpenAI की भी दिवालिया घोषित वीवर्क जैसी हालत होने की दी चेतावनी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शोधकर्ता गैरी मार्कस ने एक चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर, OpenAI जैसी बड़ी AI कंपनियां दिवालिया होती हैं तो 2008 के वित्तीय संकट जैसे गंभीर हालात बन सकते हैं।
मार्कस ने ChatGPT निर्माता की मौजूदा स्थिति की तुलना वीवर्क की भारी गिरावट से की है। उनका मानना है कि अगर, AI कंपनी को कोई झटका लगता है तो माइक्रोसॉफ्ट फौरन इसका फायदा उठाकर कंपनी को बहुत सस्ते में खरीद सकता है।
बता दें कि वीवर्क की 2019 में अनुमानित कीमत 47 अरब डॉलर (करीब 4,450 अरब रुपये) थी, उसकी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) लाने की योजना धड़ाम हो गई थी और बाद में 2023 में उसे दिवालिया घोषित कर दिया गया।
ऑटोनॉमस एजेंट्स पर रोक लगाने की मांग
मार्कस केवल OpenAI की ही बात नहीं कर रहे, बल्कि उन्होंने एंथ्रोपिक की भी कड़ी आलोचना की है। वह एक बड़े IPO की तैयारी कर रही है, जबकि वह खुद मानती है कि एडवांस AI में कई गंभीर जोखिम मौजूद हैं।
उनका मानना है कि ऑटोनॉमस AI एजेंट्स से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए इस तकनीक पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए। गौरतलब है कि अमेरिकी सीनेट के सामने गवाही दे चुके मार्कस ने यह भविष्यवाणी भी की थी कि 2025 तक जेनरेटिव AI में निवेश का बुलबुला अपने चरम पर पहुंच जाएगा। उनका कहना है कि AI के अनियंत्रित विस्तार का विरोध बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।