OpenAI के पूर्व शोधकर्ता ने 24 की उम्र में AI से बनाए करीब 1,400 अरब रुपये
24 वर्षीय OpenAI के पूर्व शोधकर्ता लियोपोल्ड एशेनब्रेनर ने हाल के वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाले हेज फंड में से एक बनाया है। खबरों के मुताबिक, उनके फंड 'सिचुएशनल अवेयरनेस LP' की वैल्यू 2 साल से भी कम समय में लगभग 22.50 करोड़ डॉलर (करीब 2,100 करोड़ रुपये) की शुरुआती पूंजी (सीड कैपिटल) से बढ़कर 15 अरब डॉलर (करीब 1,400 अरब रुपये) से ज्यादा के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) तक पहुंच गई है। इस फंड ने लॉन्च के बाद से 1,000 फीसदी से ज्यादा और इस साल अब तक लगभग 270 फीसदी का रिटर्न दिया है।
क्या है लियोपोल्ड की निवेश रणनीति?
लियोपोल्ड की रणनीति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों में सीधे पैसा लगाने की नहीं है। वे इसके बजाय AI की बुनियाद बनाने वाली कंपनियों में निवेश करते हैं।
इस रणनीति के तहत वे बिजली मुहैया कराने वाली ब्लूम एनर्जी जैसी कंपनियों और डाटा सेंटर के लिए बिटकॉइन माइनर कंपनियों जैसे कोर साइंटिफिक और रायट प्लेटफॉर्म्स को प्राथमिकता देते हैं।
अपने निवेश में जोखिम को कम करने के लिए वे चिप बनाने वाली एनवीडिया और AMD जैसी कंपनियों के पुट ऑप्शंस का भी सहारा लेते हैं।
जेन स्ट्रीट जैसे बड़े निवेश संस्थानों ने भी उनके फंड में पैसा लगाया है, जो उनके इस अनोखे तरीके पर भरोसा दिखाता है। खास बात यह भी है कि फंड की कुल संपत्ति का लगभग 20 फीसदी हिस्सा अकेले एंथ्रोपिक में लगा है।