अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से निकाले 44,000 करोड़ रुपये से ज्यादा
अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 44,166 करोड़ रुपये निकाले हैं। इसके साथ ही इस साल अब तक कुल 3.04 लाख करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है, जो पिछले साल की कुल निकासी का लगभग दोगुना है।
इस बड़ी निकासी के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं, जिसमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना जैसे कारण शामिल हैं। इनकी वजह से दुनियाभर के निवेशक अपने निवेश के ठिकाने पर फिर से विचार कर रहे हैं।
बेहतर रिटर्न वाली जगह पर जा रहा निवेश
जानकारों का कहना है कि यह भारत में निवेश से भरोसा उठने की बात नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर पैसे का ऐसी जगहों पर जाना है, जहां कम समय में बेहतर रिटर्न मिल रहा है।
अमेरिकी सरकार के 10 साल के बॉन्ड पर बिना जोखिम के 5.2 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिल रहा था। इस साल में अब तक निफ्टी इंडेक्स ने 13.87 फीसदी का नकारात्मक रिटर्न दिया है।
दूसरी तरफ, उत्तर एशियाई बाजार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से मिली तेजी के चलते निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं और वहां पैसा लग रहा है।
इंवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म ट्रैक के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) वेदांत गुप्ते के मुताबिक, इस बिकवाली को भारत में निवेश की संभावनाओं पर कोई फैसला मानने की बजाय पूंजी के वैश्विक पुनर्गठन के तौर पर देखना चाहिए।