किन लोगों के लिए बहुत जरूरी है रिटायरमेंट प्लानिंग? ऐसे करें तैयारी
क्या है खबर?
रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है। इसी कारण वे समय रहते योजना नहीं बना पाते। इसकी वजह से उन्हें बुढ़ापे में वित्तीय संकट झेलना पड़ता है। 2025 में ग्रांट थॉर्नटॉन के एक सर्वे के मुताबिक, निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब 50 फीसदी रिटायरमेंट के लिए बहुत कम पैसे निवेश करते हैं, जबकि अधिकांश आय का 1-10 फीसदी लगाते हैं। आइये जानते हैं रिटायरमेंट प्लानिंग क्यों जरूरी है बुढ़ापे के लिए पर्याप्त फंड कैसे बनाएं।
जरूरी
इनके लिए जरूरी है प्लानिंग
नौकरी छूटने के बाद रिटायरमेंट फंड भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने में मदद करता है और दूसरों पर निर्भरता खत्म करता है। सरकारी नौकरी के अलावा दूसरे क्षेत्र में पेंशन की सुरक्षा नहीं होती। ऐसे में रिटायरमेंट की प्लानिंग उन लोगों के लिए जरूरी है, जिनकी नौकरी में पेंशन नहीं या फ्रीलांस काम करते हैं। इसके अलावा, यह उनके लिए भी जरूरी है, जिनके पास इमरजेंसी फंड नहीं है या अस्थिर और अनियमित आय है।
योजना
ऐसे करनी चाहिए तैयारी
इसकी योजना बनाते समय रिटायरमेंट की उम्र तय कर महंगाई दर के हिसाब से मासिक खर्च का अनुमान लगाकर फंड तैयार करें। इसके लिए जल्दी निवेश शुरू करना सही रहता है। छोटी उम्र में की गई शुरुआत से बड़ा फंड बनता है और कंपाउंडिंग का फायदा होता है। हर महीने तय राशि का निवेश करें। इसमें किसी तरह की बाधा न आए इसके लिए 6-12 महीने का इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है। यह आपका निवेश टूटने नहीं देता।
विकल्प
निवेश के लिए इन विकल्पों में से चुनें
निवेश के लिए आप इक्विटी म्यूचुअल फंड का विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें ज्यादा जोखिम के साथ लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न मिलता है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का विकल्प नियमित पेंशन की व्यवस्था करने के साथ टैक्स भी बचाता है। बिना जोखिम के नियमित आय के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा गोल्ड में पैसा लगाना आपको सुरक्षित और अच्छा रिटर्न देने वाला तरीका हो सकता है।
आय
इस तरह से तैयार करें आय के सोर्स
रिटायरमेंट के बाद वेतन बंद होने के बाद आपको नियमित आय के दूसरे सोर्स बनाने की जरूरत है। इसके लिए आप घर किराये पर देकर स्थिर आय का विकल्प तैयार कर सकते हैं। डिविडेंड देने वाले निवेश (शेयर/फंड) मददगार होते हैं। सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) नियमित आय का साधन बन सकता है। आप अपने कौशल के आधार पर पार्ट-टाइम काम या फ्रीलांसिंग कर सकते हैं। कंसल्टिंग से भी अतिरिक्त पैसा कमाया जा सकता है।
सावधानी
इन बातों का रखें ध्यान
बुढ़ापे में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए स्वास्थ्य बीमा लेना जरूरी है, जो आपके इलाज के खर्चों को कवर करेगा। रिटायरमेंट से पहले सभी कर्जे निपटा लेना चाहिए। इसके साथ ही मासिक खर्चों को कम करना भी सही रहता है। रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय 40 साल के बाद निवेश की शुरुआत करना, महंगाई को ध्यान में नहीं रखना, सारे पैसे एक जगह लगाना, इक्विटी का जोखिम नहीं लेना जैसी गलतियां करने से बचें।