फीफा ने रद्द की अपनी 20 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना
फुटबॉल की दुनिया की सबसे बड़ी संस्था फीफा (FIFA) ने अपने व्यापारिक कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी को 4.2 अरब डॉलर (करीब 400 अरब रुपये) में बेचने की अपनी योजना रद्द कर दी है।
फुटबॉल जगत में हर तरफ से कड़ी आलोचना झेलने के बाद फीफा ने यह बड़ा फैसला लिया है। इस योजना के तहत 'फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज' नाम की एक नई कंपनी शुरू करने का विचार था, जिसका मुख्य मकसद दुनियाभर में फुटबॉल के खेल को बढ़ावा देना और उसका विकास करना था।
फीफा के अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने खुद यह स्वीकार किया कि संगठन में गहरे मतभेद होने की वजह से अब इस योजना को आगे बढ़ाना संभव नहीं है।
महासंघों ने किया इस योजना का विरोध
फीफा के ज्यादातर सदस्य संघों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूरोपीय (UEFA), उत्तरी और मध्य अमेरिकी (CONCACAF) और एशियाई (AFC) महासंघों ने इस सौदे का पुरजोर विरोध किया था।
उन्होंने चेतावनी दी थी कि यह योजना फुटबॉल के मूल ढांचे के लिए खतरा बन सकती है। यहां तक कि यूरोपीय महासंघ (UEFA) ने तो यह भी कह दिया था कि अगर, यह योजना आगे बढ़ी तो वे इसका बहिष्कार कर सकते हैं। अंदरूनी तौर पर, फीफा के वरिष्ठ सलाहकार कार्लोस कोर्डेरो ने इसे एक बुरा सौदा बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
अब इंफेंटिनो ने कहा है कि आने वाले सप्ताहों में वे सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करेंगे, ताकि वैश्विक फुटबॉल को मजबूत करने के दूसरे तरीके खोजे जा सकें, खासकर उन विकासशील देशों में जहां अभी फुटबॉल की नींव मजबूत करनी है।