अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंची
मंगलवार (27 अक्टूबर) को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 2 दिवसीय नीतिगत बैठक शुरू हुई। इसी के साथ भारत में सोने का भाव 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब स्थिर बना रहा। इस दौरान कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 0.12 फीसदी नीचे आया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह करीब 0.20 फीसदी गिरकर 4,030 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.23 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पहुंच गई।
दूसरी तरफ, चांदी को ज्यादा झटका लगा। इसका भाव एक फीसदी गिरकर करीब 53.80 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.64 लाख रुपये प्रति किलोग्राम) पर आ गया, जो पिछले 11 महीनों का इसका सबसे निचला स्तर है।
अमेरिकी यील्ड से सोने की कीमतों पर असर
पिछले सप्ताह सोने में 4 फीसदी से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। इसकी वजह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी थी। दरअसल, बढ़ती हुई यील्ड सोने को होल्ड करना महंगा बना देती है, जिससे निवेशक इसमें कम दिलचस्पी दिखाते हैं। ज्यादातर निवेशक मान रहे हैं कि फेडरल रिजर्व अभी ब्याज दरों को स्थिर रखेगा। हालांकि, दिसंबर में इन्हें एक बार फिर बढ़ाया जा सकता है।
इस बीच, भारतीय रुपया लगातार तीसरे दिन कमजोर होता रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी की कीमतें भले ही कम हुईं, लेकिन रुपये के कमजोर होने से आयातित चांदी स्थानीय बाजार में थोड़ी सस्ती पड़ी। MCX पर चांदी 0.68 फीसदी फिसलकर 1.94 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
सोने और चांदी का अनुपात करीब 74.8-1 पर स्थिर बना हुआ है। यह दिखाता है कि इस समय चांदी के मुकाबले सोने ने अपनी पकड़ ज्यादा मजबूत बनाए रखी है।