चीन में 2022 के बाद फैक्ट्री के सामान की महंगाई में सबसे तेज बढ़ोतरी
चीन में फैक्ट्रियों से निकलने वाले सामानों के दाम सितंबर में 5 फीसदी बढ़ गए। जून, 2022 के बाद यह सबसे तेज बढ़ोतरी है। कच्चे तेल और बाकी कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के चलते कंपनियों को सामान बनाने में ज्यादा खर्च उठाना पड़ रहा है। दुनियाभर में आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतें और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने इस मुश्किल को और बढ़ा दिया है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 0.9 फीसदी बढ़ा
एक तरफ, जहां फैक्ट्रियों में सामान बनाने की लागत बहुत बढ़ गई, वहीं दूसरी तरफ, आम लोगों के लिए चीजों के दाम (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) केवल 0.9 फीसदी ही ऊपर गए। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद ऐसा हुआ।
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और मॉर्गेज (गिरवी) लोन में छूट जैसी कोशिशें कीं, इसके बावजूद लोग खुलकर खर्च करने से बच रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि अगर, चीन आगे चलकर लगातार आर्थिक तरक्की चाहता है तो फैक्ट्रियों की लागत और ग्राहकों के खरीद दामों के बीच के अंतर को कम करना बहुत जरूरी होगा।