पिछले सप्ताह की तुलना में स्टार्टअप्स के निवेश में आई कमी
भारतीय स्टार्टअप्स ने 10 से 15 अगस्त के बीच कुल 15.15 करोड़ डॉलर (करीब 1,400 करोड़ रुपये) का निवेश जुटाया। यह आंकड़ा पिछले सप्ताह के मुकाबले लगभग 60 फीसदी कम है, जो मंदी के माहौल को दर्शाता है। इस दौरान ज्यादातर पैसा ग्रोथ-स्टेज कंपनियों के हिस्से आया, जिसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म यूलू ने 9.3 करोड़ डॉलर (करीब 880 करोड़ रुपये) का बड़ा सीरीज-C राउंड हासिल कर सबको पीछे छोड़ दिया।
दूसरी तरफ, बेकिंगो को भी 1.05 करोड़ डॉलर (करीब 100 करोड़ रुपये) का निवेश मिला। इसके अलावा, शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स को भी सहारा मिला। उन्होंने 11 अलग-अलग सौदों के जरिए कुल 4.8 करोड़ डॉलर (करीब 450 करोड़ रुपये) जुटाए।
इन क्षेत्रों में रही निवेशकों की रुचि
मंदी के बावजूद हेल्थटेक, डीपटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। इस कारोबारी सप्ताह में कुछ बड़े अधिग्रहण और अहम बदलाव भी देखने को मिले। गैलेक्सीआई ने अपनी स्पेस टेक को मजबूत बनाने के लिए स्टारऑप्स का अधिग्रहण कर लिया, वहीं रेडक्लिफ लैब्स ने पुणे के मेगाविजन डायग्नोस्टिक्स सेंटर को करीब 40 करोड़ रुपये में खरीदा।
इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स कंपनी डेल्हीवेरी के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) अजीत पाई मंगलौर ने कंपनी छोड़ने का ऐलान किया और उनकी जगह वाणी वेंकटेश को उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया। इस सप्ताह एस्ट्रोटॉक ने भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब ESOP बायबैक के जरिए इसे एक अरब डॉलर (करीब 90 अरब) के मूल्यांकन पर यूनिकॉर्न का दर्जा मिल गया। इस बायबैक से कंपनी के 100 से ज्यादा कर्मचारियों को अच्छी-खासी तरलता (लिक्विडिटी) मिली।