एपिक गेम्स की छंटनी पर छिड़ी बहस, कैंसर पीड़ित कर्मचारी को गंवाना पड़ा स्वास्थ्य बीमा
क्या है खबर?
गेमिंग कंपनी एपिक गेम्स ने हाल ही में करीब 1,000 कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कंपनी ने कहा कि बढ़ते खर्च और आर्थिक दबाव के कारण यह कदम उठाया गया है। शुरुआत में इसे सामान्य छंटनी माना गया, लेकिन जैसे-जैसे जानकारी सामने आई, मामला गंभीर होता गया। अब यह मुद्दा सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की स्थिति और कंपनी की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
समस्या
कैंसर से जूझ रहे कर्मचारी की कहानी
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसे कर्मचारी को लेकर हो रही है जो टर्मिनल ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे उसका बीमा खत्म हो गया। इससे उसके परिवार पर बड़ा आर्थिक और मानसिक दबाव आ गया। उसकी पत्नी ने बताया कि इस फैसले के बाद परिवार अनिश्चितता में है और नई बीमा पॉलिसी मिलना भी मुश्किल है, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं।
प्रतिक्रिया
कंपनी पर बढ़ा दबाव और प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कंपनी की जमकर आलोचना हुई। लोगों ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में कंपनी को ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए थी। कंपनी ने कहा कि प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पे और कुछ समय तक हेल्थकेयर सुविधा दी जाएगी। बाद में कंपनी के प्रमुख ने माना कि इस मामले को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था और अब कंपनी सीधे उस परिवार की मदद करने की कोशिश कर रही है।
वजह
छंटनी के पीछे आर्थिक वजह
कंपनी के प्रमुख ने बताया कि कंपनी का खर्च उसकी कमाई से ज्यादा हो गया था, इसलिए यह कदम जरूरी था। कंपनी करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत कम करने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस छंटनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कोई संबंध नहीं है। यह फैसला सिर्फ कंपनी को स्थिर करने और आगे बेहतर तरीके से काम करने के लिए लिया गया है, जिससे भविष्य में स्थिति सुधारी जा सके।