कोर्ट में एलन मस्क का बड़ा बयान, OpenAI को फंड देना बताया गलत फैसला
क्या है खबर?
एलन मस्क ने कोर्ट में गवाही देते हुए कहा कि OpenAI को शुरुआती दौर में फंड देना उनकी बड़ी गलती थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब 3.8 करोड़ डॉलर (लगभग 360 करोड़ रुपये) की मदद की थी, लेकिन कंपनी बाद में एक बड़ी कमाई करने वाली संस्था बन गई। मस्क ने सैम ऑल्टमैन और ग्रेग ब्रॉकमैन पर आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें गैर-लाभकारी संस्था के नाम पर निवेश करने के लिए तैयार किया और बाद में उसका स्वरूप बदल दिया।
विवाद
नॉन-प्रॉफिट से फॉर-प्रॉफिट बनने पर विवाद
मस्क का कहना है कि OpenAI का मकसद शुरू में इंसानियत के लिए काम करना था, लेकिन बाद में इसे लाभ कमाने वाली कंपनी बना दिया गया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि किसी चैरिटी को इस तरह बदलना सही नहीं है। दूसरी ओर, OpenAI ने इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि मस्क को इस बदलाव की जानकारी थी। कंपनी का दावा है कि मस्क खुद इसे सपोर्ट करते थे और बाद में विवाद शुरू हुआ।
बहस
क्रॉस एग्जामिनेशन में तीखी बहस
सुनवाई के दौरान मस्क और OpenAI के वकील के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। वकील ने मस्क से उनके फंड और टैक्स फायदे को लेकर सवाल किए, जिस पर मस्क ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल उन्हें उलझाने के लिए पूछे जा रहे हैं। इस दौरान मस्क ने यह भी कहा कि उन्होंने सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि अपनी साख भी कंपनी में लगाई थी, जिसकी भी अपनी अहमियत होती है।
मांग
भविष्य पर असर और मस्क की मांग
इस मामले का असर AI इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इसमें बड़े नाम शामिल हैं। मस्क चाहते हैं कि कोर्ट OpenAI के मौजूदा ढांचे को बदले और कंपनी के नेतृत्व में बदलाव करे। उन्होंने भारी हर्जाने की भी मांग की है। वहीं, OpenAI का कहना है कि यह मामला प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है। अब इस केस का फैसला आने वाले समय में AI क्षेत्र की दिशा तय कर सकता है।