भारत में कच्चा तेल की कीमत 100 डॉलर के पार, बढ़ेगा आयात बिल
भारत के लिए कच्चे तेल का आयात अब काफी महंगा हो गया है। लंबे समय बाद इसकी कीमत प्रति बैरल 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) के पार निकल गई है। 7 सितंबर को यह 100.75 डॉलर (करीब 9,550 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गई।
पिछले महीने के मुकाबले यह करीब 12 फीसदी की उछाल है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ही इसकी सबसे बड़ी वजह है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं और यह 96.3 डॉलर (करीब 9,150 रुपये) प्रति बैरल तक जा पहुंचा है।
पेट्रोल-डीजल हो सकता है महंगा
तेल महंगा होने के साथ-साथ भारत का आयात बिल भी बढ़ जाता है। अगर, तेल की कीमत में केवल 10 डॉलर (करीब 950 रुपये) की बढ़ोतरी होती है तो देश का खर्च 13-14 अरब डॉलर (करीब 1,200-1,300 अरब रुपये) तक बढ़ जाता है।
इस साल अप्रैल से जुलाई के बीच भारत ने तेल खरीदने पर 63.4 अरब डॉलर (करीब 6,000 अरब रुपये) खर्च किए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह खर्च 40.5 अरब डॉलर (करीब 3,800 अरब रुपये) था।
इसी दौरान, रुपया भी साप्ताहिक आधार पर 94.5 पर लगभग स्थिर बना रहा। इस वजह से ईंधन कंपनियों का घाटा बढ़ रहा है और LPG सब्सिडी का बोझ भी भारी होता जा रहा है।
अगर, यही रुझान जारी रहता है तो आने वाले समय में हवाई यात्रा, पेट्रोल-डीजल से लेकर रसोई गैस तक सब कुछ महंगा हो सकता है।