RBI के रुपये की गिरावट रोकने के कदमों से बैंकों में नकदी का संकट गहराया
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को और गिरने से बचाने के लिए कुछ कदम उठाए हं, जिसके बाद देश के बैंकों के पास अब अतिरिक्त नकदी बहुत कम बची है।
सितंबर की शुरुआत से लेकर अक्टूबर के आखिर तक बैंकों के पास जो अतिरिक्त धनराशि थी, वह 11 लाख करोड़ रुपये से भारी गिरावट के साथ केवल 462 अरब रुपये रह गई है।
RBI का यह कदम भले ही रुपये को स्थिर रखने के लिए उठाया गया हो, लेकिन इससे पूरे वित्तीय सिस्टम में पैसे की तंगी बढ़ गई है।
आपातकालीन नकदी की सीमा तय
RBI ने आपातकालीन नकदी देने की भी एक अधिकतम सीमा तय कर दी है। अब मांग ज्यादा होने पर भी वह 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा आपातकालीन नकदी नहीं देगा।
नकदी की इस कमी के कारण बैंकों और गैर-बैंकिंग ऋणदाताओं दोनों के लिए उधार लेना महंगा हो गया है। इसका सीधा असर यह है कि लोन महंगे हो रहे हैं और वित्तीय बाजारों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि नकदी का यह संकट कुछ समय तक बना रह सकता है, इसलिए फिलहाल जल्द राहत की उम्मीद नहीं है।