कच्चे तेल के दाम बढ़ने का सोने पर नहीं पड़ा असर, कीमतें स्थिर
मंगलवार (8 सितंबर) को कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। मध्य पूर्व में फिर से शुरू हुए टकराव के कारण तेल आपूर्ति में बाधा आने की चिंताएं बढ़ रही थीं।
ऐसे में ईरान ने भी धमकी दी कि अगर, अमेरिका उसके ठिकानों पर हमला करेगा तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। इस धमकी के बाद दुनियाभर में तेल के जहाजों के लिए बेहद अहम माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर सबकी नजरें और टिक गईं।
हालांकि, जहां तेल बाजार में जल्दी प्रतिक्रिया देखने को मिली, वहीं निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितता और कमजोर होते अमेरिकी डॉलर का आकलन किया, जिसके चलते सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस (करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के आस-पास स्थिर बना रहा।
चांदी की कीमत में मामूली बढ़त
मध्य पूर्व में तेल के एक अहम शिपिंग मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के पास के खतरों पर ट्रेडर्स की कड़ी नजर बनी हुई थी, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड 97.34 डॉलर (9,250 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह पिछले जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी बढ़कर 92.63 डॉलर (करीब 8,800 रुपये) हो गया। इस बीच, हाल ही में थोड़ी गिरावट के बाद सोने के दामों में कोई खास हलचल नहीं दिखी। चांदी में हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह 66.22 डॉलर प्रति औंस (करीब 2.01 लाख रुपये प्रति किलोग्राम) पर पहुंच गई। प्लेटिनम लगभग स्थिर रहा, जबकि अमेरिकी डॉलर के थोड़ा कमजोर होने से पैलेडियम की कीमत बढ़ गई।