COAI ने की AI के लिए बेहतर नेटवर्क के लिए ज्यादा स्पेक्ट्रम की मांग
सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एसपी कोचर ने कहा है कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती रफ्तार जल्द ही हमारे इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की क्षमता की कड़ी परीक्षा लेगी। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में उन्होंने साफ किया कि टेलीकॉम कंपनियों को अपने डाटा भेजने वाले रास्तों को बड़े पैमाने पर अपग्रेड करना होगा।
इसका मतलब है कि उन्हें बड़े और तेज डाटा चैनल बनाने होंगे, ताकि AI ऐप्स की बढ़ती अपलोड और डाउनलोड की मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।
स्पेक्ट्रम की लागत कम करने की मांग
अभी हमारे पास पर्याप्त स्पेक्ट्रम नहीं है। स्पेक्ट्रम वो अदृश्य रास्ते होते हैं, जिन पर हमारा डाटा चलता है। इसकी कमी के कारण बेहतर 5G सेवाएं देने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
कोचर ने सरकार से खास बैंड्स में और ज्यादा स्पेक्ट्रम देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने लागत कम करने को भी कहा, ताकि टेलीकॉम कंपनियां इन जरूरी अपग्रेड का खर्च उठा सकें।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि AI से जुड़े साइबर खतरों से निपटने के लिए नए नियम बनाने होंगे। इसके अलावा, उन्होंने भारत के डाटा को सुरक्षित रखने और भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए देश में ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बात भी कही।