टिके रहने के लिए ब्रोकरेज फर्मों के लिए AI को अपनाना बेहद जरूरी
वित्त मंत्रालय में आर्थिक कार्य विभाग (DEA) के संयुक्त सचिव (वित्तीय बाजार) डॉ आलोक तिवारी ने कहा है कि पुरानी सोच वाली स्टॉक ब्रोकरेज फर्म अगले 10 साल तक शायद टिक नहीं पाएंगी, जब तक वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी बदलावों को नहीं अपनातीं।
मुंबई में हुए एक सम्मेलन में उन्होंने इन कंपनियों से खासकर परिवार के स्वामित्व वाली फर्मों से तेजी से खुद को आधुनिक बनाने का आग्रह किया।
तिवारी ने बताया कि AI और क्वांटम कंप्यूटिंग दुनियाभर में फाइनेंस के कामकाज के तरीके को पूरी तरह से बदल रहे हैं।
गवर्नेंस को पेशेवर बनाने का आग्रह
तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि बाजार में प्रासंगिक बने रहने के लिए कंपनियों की संरचना और नियमों दोनों में बदलाव करना बहुत जरूरी है।
उन्होंने नियामकों की तुलना रेफरी से की और कहा कि यह बाजार से जुड़े खिलाड़ियों पर है कि वे प्रगति को आगे बढ़ाएं और धन सृजित करें।
उनका बड़ा संदेश यह है कि अगर, आप इस तेजी से बदलती वित्तीय दुनिया में सफल होना चाहते हैं तो अपनी गवर्नेंस को पेशेवर बनाएं, एकजुट हों और उसे बदलती जरूरतों के हिसाब से ढालें।