IIT मद्रास के पूर्व छात्र की बनाई कंपनी ने बनाया सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाला रोबोट
बिहार के रहने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के पूर्व छात्र दिव्यांशु कुमार भारत की सबसे बड़ी और मुश्किल समस्याओं में से एक हाथ से मैला ढोना (मैनुअल स्कैवेंजिंग) को खत्म करने के काम में लगे हैं।
उनकी कंपनी सोलिनास इंटीग्रिटी ने इसी मकसद से एक नई पहल की है। उनके स्टार्टअप में सेप्टिक टैंक और मैनहोल की सफाई के लिए रोबोट्स का इस्तेमाल होता है। इससे सफाई कर्मचारियों को जहरीली गैसों और जानलेवा हालातों से बचाया जा सकता है। वैसे तो यह काम गैरकानूनी है, लेकिन फिर भी इससे कई लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
सोलिनास इंटीग्रिटी बनी 15 करोड़ रुपये की कंपनी
कॉलेज के एक प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई यह पहल आज 15 करोड़ रुपये की कंपनी बन चुकी है। कंपनी का सबसे बड़ा आविष्कार 'होमो SEP' नाम का एक रोबोट है। यह रोबोट ऐसे टैंकों को साफ करता है, जिससे लोगों को अपनी जान या सेहत दांव पर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
सोलिनास इंटीग्रिटी अब केवल टैंक ही नहीं, बल्कि पाइपलाइनों और सीवरों की सफाई के लिए भी रोबोटिक सॉल्यूशन तैयार कर रही है।
दिव्यांशु कुमार की इस मेहनत के दम पर उन्हें 2025 में फोर्ब्स इंडिया की '30 अंडर 30' सूची में शामिल किया गया है। यह दिखाता है कि तकनीक की मदद से सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में कितने बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।