गिफ्ट सिटी का सिंगापुर-दुबई से वित्तीय सौदे खींचने का लक्ष्य
गिफ्ट सिटी अब उन वित्तीय सौदों को अपनी ओर खींचने की तैयारी में है, जिनका कारोबार फिलहाल सिंगापुर और दुबई जैसे केंद्रों से होता है।
हाल ही में एक पैनल चर्चा में इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) के कार्यकारी निदेशक दीपेश शाह ने बताया कि उनका मकसद उत्पादों, कौशल और नियमों में मौजूद कमियों को दूर करना है। इससे गिफ्ट सिटी देश-विदेश से आने वाले निवेश के लिए एक अहम केंद्र बन पाएगा।
गिफ्ट की ओर रुख करने का आह्वान
गिफ्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक दीपेश शाह ने भारतीय संस्थाओं से अपील की है कि वे इस बात का आकलन करें कि क्या वे गतिविधियां, जो अभी सिंगापुर, दुबई, मॉरीशस और दूसरे वित्तीय केंद्रों के जरिए की जाती हैं, उन्हें गिफ्ट सिटी के माध्यम से नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, ऐसा करने से भारत के वित्तीय क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलेगा।
गिफ्ट सिटी पहले से ही भारत के बाहरी वाणिज्यिक कर्ज का 70 प्रतिशत संभाल रही है। साथ ही, इसने 40 अरब डॉलर (करीब 3,800 अरब रुपये) का फंड इकोसिस्टम भी तैयार कर लिया है।
अधिकारियों का मानना है कि अब अगला कदम रिस्क मैनेजमेंट, डाटा, जटिल वित्तीय उत्पादों और तकनीक जैसे क्षेत्रों में और गहरी विशेषज्ञता हासिल करना है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में गिफ्ट सिटी में हुई एक विमान खरीद का सौदा एक बेहतरीन उदाहरण है। इस सौदे में गिफ्ट सिटी की ही एक कंपनी शामिल थी, जिसे गिफ्ट-आधारित बैंक से फाइनेंस मिला, वहीं की एक फर्म से कानूनी सलाह मिली और सेंटर के भीतर से ही ट्रस्टी सेवाएं भी मुहैया कराई गईं।