जनवरी में डिजिटल गोल्ड की बिक्री बढ़कर 4,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
क्या है खबर?
डिजिटल पेमेंट ऐप्स के जरिए सोना खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पेटीएम, फोनपे, गूगल पे और अमेजन पे जैसे UPI प्लेटफॉर्म पर लोग अब डिजिटल गोल्ड को आसान निवेश विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। महंगे दामों के बावजूद जनवरी में डिजिटल गोल्ड की खरीदारी करीब 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच लोगों का भरोसा सोने पर बना हुआ है, जिससे डिजिटल गोल्ड की मांग मजबूत है।
खरीदारी
जनवरी में UPI से रिकॉर्ड खरीदारी
NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी, 2026 में UPI के जरिए डिजिटल गोल्ड की खरीदारी 3,926 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान करीब 21.9 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए। कुल डिजिटल गोल्ड खरीदारी का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा UPI से हुआ। अक्टूबर, 2025 में यह आंकड़ा 2,290 करोड़ रुपये था, लेकिन SEBI की चेतावनी के बाद नवंबर में इसमें गिरावट आई। इसके बावजूद दिसंबर और जनवरी में मांग फिर से तेज होती नजर आ रही है।
वजह
क्यों पसंद कर रहे हैं लोग डिजिटल गोल्ड?
डिजिटल गोल्ड की लोकप्रियता बढ़ने की कई वजहें हैं। इसमें लोग बहुत छोटी रकम से भी सोना खरीद सकते हैं, जिससे आम निवेशक को सुविधा मिलती है। इसे खरीदना, बेचना और ट्रैक करना आसान है। लोग इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कैश में बदल सकते हैं। इसके अलावा, घर पर सोना रखने की चिंता भी नहीं रहती, क्योंकि गोल्ड सुरक्षित संस्थाओं के पास स्टोर किया जाता है।
विकल्प
जोखिम, खर्च और दूसरे विकल्प
डिजिटल गोल्ड पूरी तरह रेगुलेटेड नहीं है, जिसे लेकर पहले चेतावनियां भी दी जा चुकी हैं। इसमें GST, स्टोरेज चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस भी लगती है। कुछ लोग मानते हैं कि प्लेटफॉर्म बंद होने की स्थिति में परेशानी हो सकती है। डिजिटल गोल्ड के अलावा गोल्ड ETF भी एक विकल्प है, जो रेगुलेटेड होता है, लेकिन उसके लिए डीमैट अकाउंट जरूरी होता है। इसी वजह से कई यूजर अभी भी डिजिटल गोल्ड को ज्यादा आसान विकल्प मानते हैं।