कच्चा तेल में बढ़ोतरी से भारतीय शेयर बाजार को लगा बड़ा झटका
मंगलवार (19 अगस्त) को भारतीय शेयर बाजारों में एक बार फिर गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 253.71 अंक फिसलकर नीचे आया, जबकि निफ्टी 24,068.15 के स्तर पर बंद हुआ।
इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, दुनियाभर में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
इसके साथ ही, महंगाई की चिंताएं और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालने का सिलसिला भी बाजार पर दबाव बना रहा है। यही वजह है कि यह सप्ताह बाजार के लिए काफी मुश्किल भरा रहा है।
विदेशी निवेशकों ने भारत से निकाले अरबों रुपये
ब्रेंट क्रूड तेल का भाव 91 डॉलर (करीब 8,600 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गया है। 2 सप्ताह से भी कम वक्त में इसमें करीब 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। भारत के लिए यह अच्छी खबर नहीं है क्योंकि देश अपनी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है।
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने की वजह से वैश्विक निवेशक भारत जैसे उभरते और जोखिम भरे बाजारों से अपना निवेश निकाल रहे हैं। इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजारों से लगभग 25 अरब डॉलर (करीब 2,300 अरब रुपये) की पूंजी बाहर जा चुकी है।