कच्चा तेल महंगा होने से दुनियाभर में गिरे शेयर बाजार, AMP ने दी यह चेतावनी
सोमवार (20 जुलाई) को दुनिया के शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई क्योंकि कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटों की वजह से यह स्थिति बनी है। फंड मैनेजर AMP के निवेश रणनीति प्रमुख शेन ओलिवर ने चेतावनी दी है कि अगर, हालात और बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल के दाम 150 डॉलर (करीब 14,000 रुपये) प्रति बैरल तक जा सकते हैं। अगर, ऐसा हुआ तो लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की संभावना
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते महंगाई का डर एक बार फिर सिर उठा रहा है। इसी वजह से निवेशक यह अंदाजा लगा रहे हैं कि अमेरिकी फेड ब्याज दरों में जल्दी बढ़ोतरी कर सकता है और सितंबर में ऐसी बढ़ोतरी की संभावना अब 60 फीसदी हो गई है।
इसी बीच, सबकी नजरें बड़ी टेक कंपनियों पर टिकी हैं। अल्फाबेट, इंटेल और टेस्ला इस सप्ताह अपने तिमाही नतीजे घोषित कर रहे हैं।
विश्लेषकों को उम्मीद है कि टेक सेक्टर, खासकर सेमीकंडक्टर कंपनियों के नतीजे काफी अच्छे रहेंगे और उनके मुनाफे में सालाना 130 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
शेयर बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। नैस्डैक फ्यूचर्स में मामूली बढ़त दर्ज की गई, वहीं यूरोप और एशिया के बाजारों में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखा।