AI की रफ्तार धीमी करने की मांग से चिप कंपनियों के शेयर गिरे
एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डारियो अमोदेई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया से एक खास अपील की है।
उनका कहना है कि बहुत ज्यादा एडवांस AI मॉडल बाजार में उतारने से पहले इसकी गति थोड़ी धीमी की जाए और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। इसमें बाहरी विशेषज्ञों से जांच भी शामिल हो।
वह इस मांग में अकेले नहीं हैं। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के एलन मस्क जैसे बड़े नाम भी उनका साथ दे रहे हैं।
असल में, AI जिस तेजी से हमारे उद्योगों को बदल रहा है, उसको लेकर हर तरफ चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
घोषणा से बाजार पर पड़ा असर
AI को धीमा करने की इन बातों का असर बाजार पर भी दिख रहा है। जून से लेकर अब तक अमेरिकी चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयर 14 फीसदी तक गिर चुके हैं।
दूसरी तरफ, एशिया की टेक कंपनियों के शेयरों में भी करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि AI के विकास में थोड़ी धीमी गति रखने से कंपनियों को फायदा ही होगा। वे अपनी मौजूदा टेक्नोलॉजी का और बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगी।
विशेषज्ञ बिली ल्यूंग बताते हैं, "भले ही ये तीनों CEO AI की रफ्तार कम करने की बात पर राजी हो जाएं, लेकिन चिप, बिजली और बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो पैसा खर्च हो रहा है, उस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हां, इससे AI को बनाने का समय थोड़ा बढ़ जरूर जाएगा।"
इसके साथ ही अगर] सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं तो साइबर सिक्योरिटी जैसे सेक्टर्स को फायदा मिल सकता है। इससे लंबे समय में AI का पूरा माहौल ज्यादा भरोसेमंद और स्थिर हो पाएगा।