दैनिक, सप्ताहिक या मासिक SIP में से कौनसा आपके लिए सही विकल्प?
क्या है खबर?
म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए नियमित निवेश करने के कई सारे फायदे होते हैं। इसमें कंपाउंडिंग से लंबी अवधि में बढ़िया रिटर्न मिल सकता है। कई बार निवेशक इस बात को लेकर संशय में रहते हैं कि निवेश के रोजाना, सप्ताहिक या मासिक में से कौनसी अवधि चुनना सही रहेगा। आइये यहां जानते हैं SIP करते समय इनमें से कौनसी अवधि का विकल्प चुनना सही रहेगा।
जिम्मेदारी
इन विकल्पों में बढ़ जाएगी जिम्मेदारी
अधिकांश प्लेटफाॅर्म मासिक निवेश का विकल्प देते हैं। दैनिक या साप्ताहिक का विकल्प चुनने पर इसमें नियमित निवेश की जिम्मेदारी आपकी हो जाती है। इसे याद रखना और फिर इसके लिए समय रोजाना या हर सप्ताह समय निकालना थोड़ा मुश्किल होता है। दूसरी परेशानी ये है कि आपको रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। मासिक SIP में केवल हर साल प्रति फंड 12 एंट्रीज करनी होंगी, जबकि साप्ताहिक में 52 और रोजाना के निवेश में 350 से ज्यादा एंट्रीज होंगी।
हिसाब
बढ़ जाएगा काम का बोझ
दैनिक या साप्ताहिक SIP करने पर टैक्स का आकलन बहुत पेचीदा हो जाता है। प्रत्येक SIP एक नया निवेश है और इसका अलग से हिसाब रखना पड़ता है। इसलिए, दैनिक/साप्ताहिक SIP आपके कार्यभार को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। सुविधा के लिए फंड हाउस आपको एक तैयार स्टेटमेंट प्रदान कर सकता है, लेकिन कई पृष्ठों की कई PDF फाइल को संभालना और उनको चेक करना आपको परेशान कर सकता है।
चयन
तीनों में से क्या है सही विकल्प?
विश्लेषणों से पता चला है कि तीनों में से कोई भी विकल्प चुनने का रिटर्न पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन आप दूसरे कारकों को देखते हुए इसका फैसला ले सकते हैं। ऐसे में मासिक निवेश आपके सही विकल्प है, क्योंकि हर महीने वेतन आते ही निवेश करना आसान हो जाता है। अगर, आप रोजाना और सप्ताह का विकल्प चुनते हैं तो बीच में बड़ा खर्चा आने पर निवेश को जारी रखना मुश्किल हो सकता है।