दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस पर साइबर हमला, 300 अरब रुपये की संपत्ति फ्रीज
क्या है खबर?
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में शामिल बाइनेंस साइबर हमले का शिकार हुआ है। सुरक्षा में सेंध लगने की आशंका के बाद कंपनी ने सभी तरह के पैसे जमा करने और निकालने की सुविधा अस्थायी रूप से बंद कर दी है। बाइनेंस के मुताबिक, करीब 3 अरब डॉलर (लगभग 300 अरब रुपये) की डिजिटल संपत्तियां फ्रीज की गई हैं। इसका असर क्रिप्टो बाजार पर भी पड़ा है और बिटकॉइन समेत कई डिजिटल करेंसी की कीमतों में गिरावट आई है।
वॉलेट
संदिग्ध हैकर से जुड़े वॉलेट में मिले 5.9 अरब डॉलर
बाइनेंस के सह-संस्थापक चांगपेंग झाओ ने आशंका जताई है कि एक्सचेंज पर साइबर हमला हुआ हो सकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्राहकों के सभी पैसे सुरक्षित रहेंगे। ब्लॉकचेन ट्रैकर अरखाम ने संदिग्ध हैकर से जुड़े कुछ वॉलेट की पहचान की है, जिनमें करीब 5.9 अरब डॉलर (लगभग 580 अरब रुपये) की डिजिटल संपत्तियां मौजूद हैं।
इस रकम को बाइनेंस से चोरी हुई संपत्ति मानने की पुष्टि नहीं हुई है। कंपनी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
खबर
हमले की खबर से क्रिप्टो बाजार में गिरावट
बाइनेंस पर साइबर हमले की खबर सामने आने के बाद क्रिप्टो बाजार में बिकवाली बढ़ गई।
बिटकॉइन की कीमत गिरकर 77,000 डॉलर से नीचे पहुंच गई, जो सितंबर के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। दूसरी डिजिटल करेंसी में भी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, बाइनेंस जैसी बड़ी कंपनी की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों का असर पूरे क्रिप्टो बाजार पर पड़ सकता है। इससे निवेशकों का भरोसा भी कमजोर हो सकता है।
डिजिटल कॉइन
टेदर और सर्किल ने भी फ्रीज किए डिजिटल कॉइन
संदिग्ध साइबर हमले के बाद टेदर और सर्किल ने भी अपने स्तर पर कार्रवाई की है।
टेदर के प्रमुख पाओलो अर्दोइनो ने बताया कि कंपनी ने 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा के स्टेबलकॉइन फ्रीज किए हैं। वहीं, सर्किल के प्रमुख जेरेमी अलायर के मुताबिक, संभावित हमले से जुड़े 80 करोड़ डॉलर के कॉइन पर रोक लगाई गई है।
बाइनेंस ने ग्राहकों को मुश्किल हालात में मदद देने के लिए 2018 में SAFU नाम का आपातकालीन फंड बनाया था।
चोरी
पहले भी हो चुकी हैं क्रिप्टो एक्सचेंज पर बड़ी चोरी
क्रिप्टो बाजार में साइबर हमले और चोरी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
फरवरी, 2025 में बायबिट एक्सचेंज से करीब 1.5 अरब डॉलर के डिजिटल टोकन चोरी हुए थे। वहीं, 2022 में FTX कंपनी बंद हो गई थी और 2011 में माउंट गोक्स पर बड़ा हमला हुआ था।
हाल में पॉलीमार्केट ने सुरक्षा से जुड़ी समस्या के कारण कारोबार 1 घंटे के लिए रोक दिया था। इन घटनाओं ने क्रिप्टो कंपनियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।