क्रिप्टोकरेंसी बाजार को हफ्ते भर में 43,000 अरब रुपये का नुकसान, क्या है गिरावट की वजह?
क्या है खबर?
बिटकॉइन में तेज बिकवाली के चलते क्रिप्टोकरेंसी बाजार को बड़ा नुकसान हुआ है। हफ्ते भर से भी कम समय में पूरे क्रिप्टो बाजार से करीब 500 अरब डॉलर की वैल्यू साफ हो गई। कॉइनगेको के आंकड़ों के अनुसार 29 जनवरी के बाद कुल मार्केट कैप में लगभग 467 अरब डॉलर (लगभग 43,000 अरब रुपये) की गिरावट दर्ज की गई। बिटकॉइन की कमजोरी का असर बाकी डिजिटल मुद्राओं पर भी साफ तौर पर देखा गया।
बिटकॉइन
बिटकॉइन की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव
आज (4 फरवरी) बिटकॉइन में हल्की रिकवरी दिखी और यह बढ़कर करीब 76,600 डॉलर (लगभग 68 लाख रुपये) के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को यह 15 महीनों के सबसे निचले स्तर तक गिर गया था। इस साल अब तक बिटकॉइन करीब 13 प्रतिशत टूट चुका है। अक्टूबर में बने इसके रिकॉर्ड उच्च स्तर से इसमें लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
कारण
गिरावट के पीछे वैश्विक कारण अहम
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिप्टो बाजार की यह गिरावट सिर्फ किसी एक वजह से नहीं हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। इसके साथ ही, ब्याज दरों, मुद्रा बाजार की चाल और कम होती नकदी ने भी दबाव बढ़ाया है। अनिश्चित वैश्विक माहौल में निवेशक जोखिम भरे साधनों से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं और सतर्कता बढ़ा रहे हैं।
रुख
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
बाजार जानकारों का मानना है कि फिलहाल क्रिप्टो बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के मजबूत स्तर अब भी कायम बताए जा रहे हैं और पूरी तरह टूटे नहीं हैं। अगर हाल के निचले स्तरों पर स्थिरता बनती है तो धीरे-धीरे सुधार की संभावना भी बन सकती है। वर्तमान में निवेशक वैश्विक संकेतों पर नजर रखे हुए हैं और बाजार पूरी तरह संभलने में समय ले सकता है।