कच्चे तेल में गिरावट से बॉन्ड बाजार में स्थिरता, अब नीलामी तय करेगी आगे की राह
भारतीय बॉन्ड बाजार मंगलवार (25 अगस्त) को स्थिर खुला। 10 साल वाले बॉन्ड की यील्ड 6.8722 फीसदी पर बनी रही। घरेलू बाजार में ज्यादा गतिविधियां न होने के कारण सभी की नजरें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई थीं।
ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों के बाद कच्चा तेल करीब 2 फीसदी गिरकर 92 डॉलर (करीब 8,700 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया, जिससे बाजार को थोड़ी राहत मिली।
बॉन्ड की नीलामी से पहले भारतीय ट्रेडर सतर्क
अमेरिका के ये नए प्रतिबंध ईरान पर दबाव बनाने के लिए लगाए गए हैं। इनसे होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से सप्लाई चेन में आने वाली संभावित रुकावटों को लेकर जो चिंताएं थीं, वे थोड़ी कम हुई हैं। हालांकि, इसके बावजूद भारतीय ट्रेडर पूरी तरह से बेफिक्र नहीं हैं, वे अभी भी सतर्कता बरत रहे हैं।
भारत अपनी ज्यादातर ऊर्जा जरूरतों को आयात से ही पूरा करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में अगर फिर से उछाल आता है तो इससे देश में महंगाई बढ़ सकती है और बॉन्ड दरों पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
यही वजह है कि अब सभी की नजरें इस सप्ताह होने वाले सरकारी बॉन्ड की नीलामी पर टिकी हैं, जिससे बाजार को आगे की दिशा का अंदाजा मिल सकेगा।