अमेरिका-ईरान तनाव से आज कच्चे तेल की कीमतों में आई 4 प्रतिशत की उछाल
क्या है खबर?
दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में आज (11 मई) तेज बढ़त देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी, जिससे बाजार में चिंता बढ़ गई। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य ज्यादातर बंद रहने से तेल सप्लाई प्रभावित होने का डर भी बढ़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.14 प्रतिशत बढ़कर 104.47 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल 4.11 प्रतिशत बढ़कर 99.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
चिंता
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाब को पूरी तरह स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप जल्द चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं, जहां ईरान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसमें चीन और ईरान के कारोबारी संबंधों और हथियारों की संभावित सप्लाई जैसे विषय शामिल रह सकते हैं।
वजह
होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ी वजह
फरवरी से चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित हुई है। यह रास्ता दुनिया में तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। सप्लाई रुकने से कई देशों में ऊर्जा संकट और महंगाई बढ़ने की चिंता तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे अब तक का बड़ा सप्लाई झटका बताया है। बाजार में डर है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
हमले
खाड़ी क्षेत्र में बढ़े हमले
रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी में कतर के पास एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमला हुआ। संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने भी दुश्मन ड्रोन रोकने की जानकारी दी है। इसी बीच सऊदी अरामको के प्रमुख अमीन नासिर ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज में रुकावटें कई हफ्तों तक जारी रहीं तो बाजार 2027 तक अस्थिर रह सकते हैं। सऊदी अरब ने कुछ तेल सप्लाई अब अपने पश्चिमी तट के बंदरगाहों से भेजनी शुरू कर दी है।