OPEC+ के फैसले के बाद सस्ता हुआ कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर से नीचे
क्या है खबर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आज (6 जुलाई) गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 24 सेंट यानी 0.33 प्रतिशत टूटकर 71.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 11 सेंट यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 68.58 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर निवेशकों की उम्मीदों ने कीमतों पर दबाव बना दिया और खरीदारी भी कुछ कमजोर रही।
OPEC+
OPEC+ के फैसले से बढ़ी सप्लाई की उम्मीद
तेल की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह OPEC+ का उत्पादन बढ़ाने का फैसला माना जा रहा है। संगठन ने अगस्त से प्रतिदिन 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त उत्पादन करने पर सहमति जताई है। इससे पहले जून और जुलाई के लिए भी उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया गया था। बाजार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कच्चे तेल की सप्लाई और बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर दबाव बना रहेगा और मांग के मुकाबले उपलब्धता बेहतर होगी।
निर्यात
होर्मुज स्ट्रेट से बढ़ा तेल निर्यात
बाजार पर दूसरा असर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल निर्यात में सुधार का पड़ा है। जून में खाड़ी देशों का तेल निर्यात बढ़कर 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन से अधिक पहुंच गया। हालांकि, यह स्तर अब भी युद्ध से पहले की तुलना में करीब 40 प्रतिशत कम है। इसके बावजूद सप्लाई में सुधार के संकेत मिलने से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली।
अन्य
रूस की बढ़ी सप्लाई ने भी बनाया दबाव
रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने की खबरों ने भी बाजार का रुख प्रभावित किया है। पश्चिमी बंदरगाहों से जून में रिकॉर्ड स्तर पर तेल भेजा गया और जुलाई में भी इसी स्तर पर निर्यात रहने की संभावना है। दूसरी ओर, जून में OPEC का उत्पादन बढ़कर 1.943 करोड़ बैरल प्रतिदिन पहुंच गया। इन कारणों से वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई और कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।