तकनीक ला सकती है किसानों को बीमा क्लेम दिलाने में तेजी
भारत के किसान इन दिनों जलवायु परिवर्तन और अप्रत्याशित मौसम की वजह से काफी दबाव में हैं। इसका सीधा असर उनकी फसलों और कमाई दोनों पर पड़ रहा है।
भले ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से ज्यादा किसानों को बीमा का फायदा मिलने लगा है, लेकिन बीमा क्लेम की प्रक्रिया अब भी धीमी और कागजी काम से भरी पड़ी है।
हालांकि, सैटेलाइट इमेजिंग, ड्रोन और पैरामीट्रिक इंश्योरेंस जैसी नई तकनीकें इन प्रक्रियाओं को तेजी दे सकती हैं, वहीं डिजिटल माध्यम जैसे बहुभाषी ऐप, USSD कोड और व्हाट्सऐप के साथ-साथ स्थानीय सहायक कृषि सखी पहल भी बीमा योजना में शामिल होने और क्लेम फाइल करने के काम को पहले से ज्यादा आसान बना रही हैं।
क्लेम में देरी अब भी एक बड़ी बाधा
PMFBY ने ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच जरूर बढ़ाई है, लेकिन बीमा क्लेम का निपटारा, आवश्यक दस्तावेजों और सही जानकारी के अभाव से इसकी प्रभावशीलता पर अभी भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन उपायों का लक्ष्य है कि ग्रामीण किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए एक तेज और आसानी से मिलने वाली बीमा प्रणाली विकसित की जा सके।