AI से घंटों का काम सेकेंड़ों में होने से बदला कानूनी बिलिंग का तरीका
कानूनी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने बड़ी हलचल मचा दी है, खासकर बिलिंग यानि शुल्क लेने के तरीके में। क्लियो के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम (UK) और आयरलैंड में लगभग 90 फीसदी कानूनी पेशेवर अब AI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
यह उन कामों को भी कुछ ही सेकेंड में निपटा देता है, जिनमें पहले घंटों लगते थे, इसलिए लॉ फर्म अपने काम के लिए फीस लेने के तरीके पर दोबारा सोच रही हैं। वे ऐसे तरीके खोज रही हैं, जिनसे उनका काम ज्यादा तेजी से और कम खर्च में हो।
बिलिंग वाले घंटे 44 फीसदी हो सकते हैं कम
AI के आने से दस्तावेजों की जांच जैसे आम काम अब आसानी से हो जाते हैं। ऐसे में कुछ फर्मों को पुराने 'बिलिंग योग्य घंटों' के लक्ष्य पूरे करने में दिक्कत आ रही है। जो काम पहले घंटों के हिसाब से बिल किए जाते थे, उनका हिस्सा 72 फीसदी से घटकर केवल 44 फीसदी रह सकता है।
बड़ी लॉ फर्म पहले से ही नियामक फाइलिंग जैसे कामों के लिए AI का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन मुश्किल मामलों को सुलझाने के लिए अभी भी इंसानों की जरूरत पड़ती है।
लंदन और दुबई में लीगल फाइनेंस फंड लेक्सोलेंट के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) निक रोल्स-डेविस ने CNBC को बताया, "जो काम 16 सेकेंड में हो जाए, उसके लिए आप 16 घंटे का बिल नहीं लगा सकते।" ऐसे में वकीलों को इन बदलावों के साथ चलने के लिए नए कौशल (लीगल इंजीनियरिंग) सीखने होंगे।