मिथोस के साइबर खतरों से बचाने के लिए सिस्को बना रही सुरक्षा कवच
सिस्को भारत में काम करने वाली कंपनियों और टेलीकॉम ऑपरेटर्स को एंथ्रोपिक के ताकतवर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल मिथोस से पैदा होने वाले नए साइबर खतरों से बचाने के लिए आगे आया है।
ये AI टूल हैकर्स के लिए सुरक्षा की कमियों को ढूंढना और उनका फायदा उठाना बहुत आसान बना देते हैं, जो काम पहले पूरा होने में सालों लग जाते थे, वे अब कुछ ही घंटों में पूरे हो सकते हैं।
इन बढ़ते खतरों से निपटने के लिए कंपनियां अपनी सुरक्षा को और मजबूत बना रही हैं, सॉफ्टवेयर को तेजी से अपडेट कर रही हैं और पुराने सिस्टम को छोड़कर नए अपना रही हैं।
सुरक्षा अपडेट किया जारी
सिस्को इंडिया और SAARC की अध्यक्ष डेजी चित्तिलपिल्ली ने बताया कि कंपनी लगातार सुरक्षा अपडेट्स जारी कर रही है, ताकि संगठन तेजी से बदल रहे इन खतरों का सामना कर सकें।
इसके अलावा, सिस्को भारत में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। वह वैश्विक निर्यातकों के लिए मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा रही है और वेबएक्स कांटेक्ट सेंटर जैसी अपनी स्थानीय क्लाउड सेवाओं को भी बेहतर कर रही है। कंपनी सरकार के साथ मिलकर टेलीकॉम सुरक्षा से जुड़े कड़े नए नियमों को पूरा करने में भी सहयोग कर रही है।