चीन के AI डाटा सेंटर्स के लिए चुनौती बना मुनाफा कमाना
चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अब असल में मुनाफा कमाना मुश्किल होता जा रहा है। इसकी वजह है कर्ज लेने की लागत का लगातार बढ़ना।
गोल्डमैन सैक्स की एक नई रिपोर्ट बताती है कि अब निवेशक केवल बड़े-बड़े सेंटर देखने के बजाय असल मुनाफा देखने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
सेंटर चलाने वालों को यह साबित करना होगा कि वे इतना रिटर्न दे सकते हैं, जो उनकी पूंजी की लागत से ज्यादा हो।
AI टोकन फैक्ट्रियां देती हैं सबसे ज्यादा मुनाफा
गोल्डमैन सैक्स ने AI डाटा सेंटर्स के 3 तरह के मॉडल की तुलना की है। इनमें पारंपरिक 'पावर्ड-शेल' बिल्डिंग शामिल हैं, जिनसे स्थिर, लेकिन कम मुनाफा मिलता है।
दूसरे इंटीग्रेटेड सेंटर हैं, जो ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) कंप्यूटिंग की सुविधा देते हैं और इनसे करीब 15 फीसदी तक का बेहतर मुनाफा मिल सकता है। सबसे खास AI टोकन फैक्ट्रियां हैं। ये AI से जुड़े कामों के लिए कंप्यूटिंग पावर बेचकर पैसा कमाती हैं। एक 'एसेट-लाइट' टोकन फैक्ट्री करीब 21 फीसदी तक का मुनाफा दे सकती है, जबकि जो फैक्ट्री अपनी GPU इंफ्रास्ट्रक्चर खुद रखती है, वह लगभग 43 फीसदी तक का रिटर्न दे सकती है।