चीन ने रेयर अर्थ के निर्यात को लेकर अमेरिकी कंपनियों पर कसी नकेल
चीन ने 2 अमेरिकी कंपनियों MP मैटेरियल्स और USA रेयर अर्थ को अपनी निर्यात नियंत्रण सूची में शामिल कर लिया है। इसका मतलब है कि अब ये कंपनियां यहां से कुछ विशेष सामग्री नहीं खरीद पाएंगी।
ये ऐसी सामग्रियां हैं, जिनका इस्तेमाल रक्षा उपकरणों के साथ-साथ आम तकनीक में भी होता है। ड्रोन, रोबोटिक्स और एयरोस्पेस से जुड़ी 8 और अमेरिकी कंपनियां भी इस फैसले से प्रभावित हुई हैं।
इन नए नियमों के तहत चीनी कंपनियां ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी फर्म को इन अमेरिकी कंपनियों को चीन से आयातित दोहरे उपयोग वाली सामग्री भेजने की इजाजत नहीं होगी।
रेयर अर्थ को लेकर देशों के बीच बढ़ा विवाद
यह चीन और अमेरिका के बीच रेयर अर्थ को लेकर चल रही जंग का एक नया मोड़ है। ये ऐसे खनिज हैं, जो टैंकों से लेकर मोबाइल तक हर चीज को चलाने के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
दोनों देश अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में जुटे हैं। यह होड़ तब से और तेज हो गई, जब चीन ने अप्रैल में पहली बार इन पर पाबंदियां लगाईं।
अब G-7 देशों का कहना है कि वे 2030 तक इन खनिजों के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहते। इसी वजह से यह मुकाबला और भी कड़ा होता जा रहा है क्योंकि दोनों ही पक्ष अपने तकनीकी उद्योगों को चालू रखने के लिए नए तरीके खोज रहे हैं।