यूरोपीय संघ में चीनी हाइब्रिड कारों को मिला बराबरी का दर्जा
चीन और यूरोपीय संघ (EU) ने हाल ही में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के व्यापार को लेकर अहम बातचीत खत्म की है। इस बातचीत का मुख्य नतीजा यह रहा कि दोनों पक्ष चीनी हाइब्रिड कारों के निर्यात को लेकर एक बात पर सहमत हुए।
उन्होंने तय किया कि चीन से आने वाली इन कारों को बाकी देशों से आने वाली गाड़ियों से कम कोटा नहीं मिलेगा, यानि उनके साथ बराबरी का व्यवहार होगा।
इतना ही नहीं EU ने यह भी वादा किया है कि वह खास तौर पर चीनी कंपनियों या उनके उत्पादों को निशाना नहीं बनाएगा।
2025 का निर्यात कोटा बढ़ाने का फैसला
दोनों पक्षों ने 2025 के लिए निर्यात कोटा बढ़ाने का भी फैसला किया है। इससे चीनी कार निर्माता कंपनियां लगातार आगे बढ़ सकेंगी और वैश्विक बाजार में दूसरी कंपनियों को अच्छी टक्कर दे पाएंगी।
कुल मिलाकर ये सारे फैसले दिखाते हैं कि दोनों ही देश निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देना चाहते हैं। इन कदमों से चीनी कंपनियों के लिए वैश्विक हाइब्रिड वाहन बाजार में अपनी जगह बनाना आसान हो जाएगा।